Hindi Vyakaran Part 1

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हिंदी व्याकरण: 

हिंदी व्याकरण एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है जो हिंदी भाषा के संरचना और उसके नियमों को समझने में मदद करता है। हिंदी व्याकरण में वचन, कारक, संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, विशेषण, क्रिया-विशेषण, समास, संधि, विराम चिह्न आदि विषयों पर ध्यान केंद्रित होता है। यह नियम हिंदी व्याकरण का  सही और सुव्यवस्थित उपयोग के लिए महत्वपूर्ण है। इससे हम अपने विचारों को स्पष्टता से व्यक्त कर सकते हैं और दूसरों को सही संदेश पहुंचा सकते हैं। व्याकरण के नियमों का पालन करके हम भाषा में गलतियों से बच सकते हैं और अपने व्यावहारिक जीवन में भी उसे सही ढंग से उपयोग में ला सकते हैं।

 

 

Course Content

व्याकरण
gyansangini.in वर्ण विचार ORTHOGRAPHY/PHONOLOGY भाषा की सबसे छोटी इकाई ध्वनि है । ध्वनि को वर्ण भी कहते हैं । इसके खंड नहीं हो सकते । वर्ण मौखिक और लिखित दोनों चिह्नों के लिए प्रयुक्त होता है । इस प्रकार से वर्ण ध्वनि चिन्ह तथा लिपि चिन्ह दोनों के ही प्रतीक है । वर्णों या ध्वनि चिहनों के व्यवस्थित समूह को वर्णमाला कहते हैं । वर्णमाला में स्वर और व्यंजन दो प्रकार के ध्वनियां होती है । वर्णमाला किसी भी भाषा का मूलाधार होती है । जो धनियां बिना सहायता के उच्चारित होती है और जिनके उच्चारण में हवा के निकलने में कोई बाधा नहीं होती है वह स्वर कहलाती है । स्वर = अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ॠ, ए, ऐ, ओ, औ मात्राएं = बारहखडी = का, कि, की, कु, कू, कृ, के, कै, को, कौ, कं, कः व्यंजन जिन वर्णों के उच्चारण में वायु मार्ग में रुकावट पैदा होती है वह व्यंजन कहलाते हैं । हिंदी के व्यंजनों के उच्चारण में स्वर के सहयोग की आवश्यकता पड़ती है । gyansangini.in कवर्ग = क, ख, ग, घ, ङ चवर्ग = च, छ, ज, झ, ञ टवर्ग = ट, ठ, ड, ढ, ण तवर्ग = त, थ, द, ध, न पवर्ग = प, फ, ब, भ, म य, र, ल, व श, ष, स, ह संयुक्त व्यंजन क्ष, त्र, ज्ञ, श्र संयुक्त व्यंजन में दो या दो से अधिक व्यंजनों का संयोग होता है । कुछ संयुक्त व्यंजनों के लिए नए वर्ण भी हैं जिनका प्रयोग अभी भी होता है । क्ष, त्र, ज्ञ, श्र इसी श्रेणी के व्यंजन है । इसलिए इन्हें संयुक्ताक्षर भी कहा जाता है । क्ष = क् + ष त्र = त् + र ज्ञ = ज् + ञ श्र = श् + र xxxx

  • वर्ण विचार
    00:00
  • शब्द भेद
    00:00
  • शब्द रचना
    00:00
  • समास
    00:00
  • संधि
    15:09
  • लिंग
    11:24
  • वचन
    08:37
  • कारक
    07:02
  • संज्ञा
    00:00
  • सर्वनाम
    00:00
  • विशेषण
    00:00
  • क्रिया
    00:00
  • क्रिया विशेषण अव्यय
    00:00

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